Coordination Meeting : टोल शिफ्टिंग, मेट्रो विस्तार और SPR एलिवेटेड रोड पर बैठक में होगा बड़ा फैसला
बैठक में खेड़कीदौला टोल प्लाजा को मानेसर के आगे कुकरौला में शिफ्ट करने की प्रक्रिया में आ रही रुकावटों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। टोल का निर्माण कार्य फिलहाल जमीन संबंधी विवादों के कारण रुका हुआ है। समन्वय समिति इन विवादों को दूर करने और निर्माण कार्य को पुनः शुरू करने के लिए समाधान तलाशेगी।

Coordination Meeting : गुरुग्राम के विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने और प्रमुख परियोजनाओं को गति देने के लिए 4 दिसंबर को लघु सचिवालय में एक उच्च स्तरीय जिला समन्वय समिति (District Coordination Meeting) की बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जीएमडीए (गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण) के मुख्य सलाहकार डीएस ढेसी करेंगे।
बैठक का मुख्य एजेंडा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित खेड़कीदौला टोल प्लाजा को शिफ्ट करने, सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) को एलिवेटेड बनाने और ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार के लिए ज़मीन अधिग्रहण जैसे जटिल मुद्दों पर चर्चा करना है।
बैठक में खेड़कीदौला टोल प्लाजा को मानेसर के आगे कुकरौला में शिफ्ट करने की प्रक्रिया में आ रही रुकावटों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। टोल का निर्माण कार्य फिलहाल जमीन संबंधी विवादों के कारण रुका हुआ है। समन्वय समिति इन विवादों को दूर करने और निर्माण कार्य को पुनः शुरू करने के लिए समाधान तलाशेगी।
इसके अलावा, यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण परियोजना, सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) को एलिवेटेड बनाने की योजना पर भी विस्तार से विचार किया जाएगा।
मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में आ रही दिक्कतों को देखते हुए, हरियाणा सरकार की नई पॉलिसी को लागू करने पर भी चर्चा होगी। इस पॉलिसी के तहत, पुराने गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार को तेज़ करने के लिए एक 11 अधिकारियों की जमीन अधिग्रहण कमेटी का गठन किया गया है।
गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली यह कमेटी जमीन खरीदने के लिए जमीन मालिकों से सीधे बातचीत करेगी। जमीन अधिग्रहण का पूरा खर्च जीएमआरएल (गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड) वहन करेगी। ओल्ड मेट्रो परियोजना के लिए कई महत्वपूर्ण जगहों पर ज़मीन की आवश्यकता है।
समन्वय बैठक में शहर के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण संबंधी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की जाएगी। इनमें वाटिका चौक से एनएच-48 तक मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के निर्माण कार्य और सेक्टर-72 में नए बूस्टिंग स्टेशन के विकास की योजनाएं शामिल हैं।
अपशिष्ट प्रबंधन के मोर्चे पर, बसई स्थित प्लांट की क्षमता को बढ़ाकर 1200 एमटी (मीट्रिक टन) करने की योजना पर चर्चा होगी। साथ ही, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए जल्द ही टेंडर जारी करने और सेक्टर-29 से उठाए जा रहे कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (C&D) वेस्ट की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी। जीएमडीए द्वारा कराई गई जांच के बाद शहरी एरिया में चल रहे 65 आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) प्लांटों की स्टेटस रिपोर्ट भी बैठक में पेश की जाएगी।













